राज्य की प्रमुख शिक्षण संस्था आई.एस.एफ. कॉलेज ऑफ फार्मेसी एवं आई.एस.एफ.सी.पी.आर. में राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यानों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे एवं देशभक्ति के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के डायरेक्टर डॉ. जी.डी. गुप्ता एवं आई.एस.एफ.सी.पी.आर. के प्रिंसिपल डॉ. आर.के. नारंग का कोऑर्डिनेटर लवकेश सिंह एवं सानिया ग्रोवर द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।आई.एस.एफ.सी.पी.आर. के विद्यार्थियों कशिश, हुजैफ, सिमरनप्रीत कौर, रितिका एवं कशिश रावत तथा व्याख्याता मंजीत कुमार ने अपने व्याख्यानों के माध्यम से लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, व्यक्तित्व एवं योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद देश की विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर भारत को एक सूत्र में बांधने में सरदार पटेल की ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी प्रकार आई.एस.एफ. कॉलेज ऑफ फार्मेसी के विद्यार्थियों रमनप्रीत कौर, गोलू कुमार, कमलजीत कौर, वनिशका, उपकार, राहुल, सुशांत, मनी एवं सुशांत ने भी अपने विचार प्रस्तुत करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर संस्था के डायरेक्टर डॉ. जी.डी. गुप्ता ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व बताते हुए कहा कि आज के जेन-जी (Gen-Z) युवाओं को राष्ट्र के प्रति निष्ठा, अनुशासन एवं समर्पण की भावना के साथ देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। डॉ. आर.के. नारंग ने कहा कि आज का युवा तकनीकी रूप से अत्यंत सक्षम है। युवाओं को अपनी तकनीकी एवं बौद्धिक क्षमताओं का उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए करना चाहिए तथा हमेशा राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सानिया ग्रोवर एवं लवकेश सिंह ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। मंच संचालन कुमारी काजल ने प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर संस्था के फैकल्टी सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।

