राज्य की प्रमुख शिक्षण संस्था आई.एस.एफ.कालेज ऑफ फार्मेसी में विश्व बौद्धिक संपदा का भव्य शुभारंभ किया गया। यह विश्व बौद्धिक संपदा दिवस संस्थान की आई.पी.आर सैल एवं आई.आई.सी. सैल द्वारा बौद्धिक संपदा उत्सव के रूप में आयोजित किया गया। यह उत्सव पेटेंट इनफार्मेशन सेंटर, पंजाब स्टेट कौंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। जिसको डिपार्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के द्वारा अनुदान प्राप्त हुआ है। आई.पी.आर के कोऑर्डिनेटर डा.संत कुमार वर्मा ने बताया कि आई.पी.आर दिवस का शुभारंभ संस्था के डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता, हेड ऑफ दि डिपार्टमेंट डा. शमशेर सिंह, डा. बालक दास, आई.क्यू.ए.सी. के कोऑर्डिनेटर डा.सिद्धार्थ मेहन, डा. विवेक असाठी, डा.जी.एस.शर्मा, डा. प्रीती पटेल, डा. सुभाष, डा. सौरभ कोसे ने संयुक्त रूप से ज्योति प्रज्वलित करके किया। संस्था के डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता ने अपने उद्बोधन में बताया कि इस वर्ष की थीम आई.पी.और संगीत आई.पी.की धड़कन महसूस करने पर आयोजित किया जा रहा है। जिसमें संगीत रचनाकारों, कलाकारों, इससे जुड़े हुए व्यवसायी व संगीत उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जन जागृति के साथ-साथ बौद्धिक संपदा को सुरक्षित करने व अपने अधिकारों को प्राप्त करने पर जोर दिया। इस मौके पर डा. शमशेर सिंह व डा. सौरभ कोसे ने अपने विचार रखे। समागम के अंत में सभी का धन्यवाद डा. संत कुमार वर्मा ने किया। इस मौके पर मंच का संचालन रुपाली ने बहुत ही तकनीकी रूप से किया। इस मौके पर संस्था के चेयरमैन प्रवीण गर्ग, सचिव इंजी. जनेश गर्ग, डा.मुस्कान गर्ग, डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता, आई.एस.एफ.सी.पी.आर के प्रिंसिपल डा. आर.के.नारंग ने विश्व बौद्धिक संपदा दिवस के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दी।

