नगर कौंसिल चुनाव की तपिश के बीच शुक्रवार को सुनाम की धरा पर लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर उभरकर सामने आई। चुनावी रण में जहाँ अक्सर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता है, वहीं यहाँ विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के दिग्गज नेताओं ने एक ही जाजम पर बैठकर नई मिसाल पेश की। अवसर था वार्ड नंबर 20 से घनश्याम कांसल, वार्ड 14 से पूर्व सरपंच त्रिलोक सिंह और इंद्रजीत रम्मी सहित अन्य प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल करने का।
– विचारधारा अलग, पर लक्ष्य सिर्फ ‘शहर का हित’
अमूमन एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले दलों के नेता आज आपसी मतभेदों को दरकिनार कर शहर की खुशहाली के लिए एकजुट नजर आए। इस मिलन को स्थानीय राजनीति में ‘धक्केशाही’ के विरुद्ध एक मूक संदेश और आपसी साझ के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। उपस्थित दिग्गजों ने स्पष्ट किया कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन सुनाम का गौरव और आपसी भाईचारा सर्वोपरि है।
प्रत्याशियों का हौसला बढ़ाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती देने के लिए दामन बाजवा (भाजपा), राजिंदर दीपा (कांग्रेस), अमनवीर सिंह चैरी (अकाली दल) और राजिंदर सिंह राजा वीरकलां (कांग्रेस) अपने समर्थकों सहित पहुंचे। इन कद्दावर चेहरों का एक साथ मुस्कुराना और एक स्वर में बात करना शहर में चर्चा का मुख्य केंद्र रहा।नेताओं ने साझा स्वर में कहा कि यह एकजुटता शहर की ‘भाईचारक साझ’ को और अधिक प्रगाढ़ करेगी। नामांकन के दौरान जुटे गणमान्य व्यक्तियों ने इस बात पर जोर दिया कि आगामी चुनाव पूरी तरह से स्वस्थ और शांतिपूर्ण वातावरण में लड़े जाएंगे। सियासत के इस नजारे ने संकेत दिए हैं कि सुनाम की राजनीति अब एक नए और परिपक्व दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहाँ विकास और मर्यादाएं सर्वोपरि हैं।
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