जगराओं के गांव गालिब कलां से किल्ली चाहला को जाने वाले रास्ते पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मेहनत-मजदूरी करने वाले प्रवासी साइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि साइकिल के पीछे बैठा उसका भतीजा बाल-बाल बच गया। मामले को लेकर पुलिस और मृतक के परिजनों के बयानों में सीधा टकराव सामने आया है।
पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई में धारा 194 के तहत कार्रवाई कर मामला यह कहकर रफादफा कर दिया कि मृतक की साइकिल आवारा पशु से टकरा गई, जबकि मृतक के भतीजे ने पुलिस के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि हादसा तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से हुआ, और वह इसका प्रत्यक्ष गवाह है।
घटना की जानकारी देते हुए मृतक के भतीजे सतीश कुमार ने बताया कि वह और उसके चाचा राकेश (निवासी यूपी, हाल निवासी किल्ली चाहला) किल्ली चाहला के नजदीक स्थित ईंट भट्ठे पर मेहनत-मजदूरी करते थे। हादसे के समय वह दोनों साइकिल पर सवार होकर गांव गालिब कलां से किल्ली चाहला की ओर जा रहे थे। रास्ते में एक मोड़ पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनके साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिर पड़े।
इस हादसे में चाचा को गंभीर चोट लगी। उस ने तुरंत एम्बुलेंस को फोन कर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया। जगराओं से निकलते ही रास्ते में ही चाचा ने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
थाना सदर के पुलिस अधिकारी जगरूप सिंह ने कहा कि जांच में सामने आया है कि साइकिल को किसी वाहन ने नहीं, बल्कि आवारा पशु ने टक्कर मारी।
पुलिस ने मृतक की पत्नी रामरानी के बयान के आधार पर फिलहाल धारा 194 के तहत कार्रवाई की है।
परिवार अब शव को अपने पैतृक गांव कबूलपुर, बेनीगंज (यूपी) ले जाकर अंतिम संस्कार करेगा।

